लैंगिक समानता की दिशा में CRPF की सराहनीय पहल, इनको दिया जाएगा एक लाख का इनाम

लैंगिक समानता की दिशा में सराहनीय पहल करते हुए सीआरपीएफ (CRPF) ने इस साल से एक विशेष वार्षिक पुरस्कार देने का फैसला लिया है। सीआरपीएफ की सालगिरह के अवसर पर “शक्ति पुरस्कार” शीर्षक के तहत विजेता को प्रशस्ति पत्र और ट्रॉफी के साथ एक लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। बल के सभी सेवारत सदस्य पुरस्कार के योग्य होंगे। विजेता की चयन प्रक्रिया में महिलाओं के लिए काम करने का अनुकूल माहौल, महिलाओं की सुरक्षा के अलावा महिलाओं से संबंधित मुद्दों पर ध्यान आकर्षित करने और इसके लिए नई पहल करने जैसी बातों को मापदंड बनाया जाएगा।

CRPF

बता दें कि CRPF में बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी शामिल हैं। सीआरपीएफ दुनिया का पहला ऐसा बल है जिसने 6 फरवरी, 1986 को अपना महिला बटालियन स्थापित किया था। वर्तमान में इस फोर्स में 6 महिला बटालियन हैं। CRPF के विशेष बल आरएएफ (RAF) में महिला जवानों की बराबर की हिस्सेदारी है। इस विशेष बल की महिला जवानों ने दंगे जैसी संवेदनशील स्थितियों में अपनी क्षमता को साबित किया है।

फोर्स की महिला विंग ने प्रतिकूल परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए हिम्मत और बहादुरी का परिचय दिया है। उन्होंने न केवल राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन किया है बल्कि विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। खेलों में ‘अर्जुन पुरस्कार’ तो वीरता के लिए ‘अशोक चक्र’ जैसे पदक इस विंग की महिला जांबाजों ने अपने नाम किए हैं।

दंगाईयों ने जला दिया था रिटायर्ड कर्मी अलीश मोहम्मद का घर, CRPF ने आर्थिक मदद देकर निभाया फर्ज

सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी CRPF की महिला कर्मियों ने गौरव हासिल किया है। 20 जनवरी, 2007 को संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के तहत सीआरपीएफ की एक महिला जवानों की टुकड़ी को लाइबेरिया भेजा गया। इससे पहले श्रीलंका गृहयुद्ध के दौरान इंडियन पीस कीपींग फोर्स (IPKF) का महत्वपूर्ण हिस्सा रही।

हाल ही में 26 जनवरी, 2020 को गणतंत्र दिवस परेड के दौरान पूरा विश्व सीआरपीएफ (CRPF) की महिला टीम ‘डेयर डेविल्स’ के हैरतअंगेज करतब का गवाह बना। अपने महिला सैनिकों के योगदान को देखते हुए CRPF ने लैंगिक समानता को लेकर कई पहल किया है।

<

p style=”text-align: justify;”>महिला जवानों के लिए कार्य-स्थल पर अनुकूल माहौल बनाने पर भी CRPF खास ध्यान देती है। जेंडर बजटिंग के तहत फोर्स ने ड्यूटी के दौरान महिला कर्मियों के बच्चों की देखभाल के लिए क्रेच स्थापित करने किए हैं। इसी तरह, महिलाओं के काफिले के लिए वाहनों में वॉशरूम देना सुनिश्चित किया जाता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here