चीन और भारत के पास सबसे बड़ी सेना, देश की रक्षा के लिए बेहद जरूरी होते हैं सशस्त्र संगठन

भारतीय शस्‍त्र सेनाओं की सर्वोच्‍च कमान भारत के राष्‍ट्रपति के पास है। राष्‍ट्र की रक्षा का दायित्‍व मंत्री मंडल के पास होता है। इसके निर्वहन रक्षा मंत्रालय से किया जाता है। 

Army

फाइल फोटो।

सेना (Army) का काम दुश्मनों की हर नापाक हरकत से देश को सुरक्षित रखना होता है। भारतीय थल सेना, भारतीय नौ सेना और भारतीय वायु सेना हमारी सेना के मुख्य घटक हैं।

कोई भी देश आंतरिक और बाहरी खतरों से निपटने के लिए सेना का गठन करता है। एक देश को अपने पड़ोसी देशों से सबसे ज्यादा खतरा माना जाता है। विश्व में ऐसे कई उदाहरण हैं जिनमें यह देखा गया है कि किसी देश को आस-पड़ोस के देशों से ही खतरा होता है।

सेना (Army) का मुख्य काम देश की हर खतरे से रक्षा करना होता है। सेना अपने नागरिकों और देश की सीमा की रक्षा के लिए एक घातक बल प्रयोग की क्षमता रखने वाला सशस्त्र संगठन होता है।

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सेना (Army) का काम दुश्मनों की हर नापाक हरकत से देश को सुरक्षित रखना होता है। भारतीय थल सेना, भारतीय नौ सेना और भारतीय वायु सेना हमारी सेना के मुख्य घटक हैं।

भारतीय सशस्त्र बल समान रूप से पेशेवर सेवाएं देने वाला भारत का सैन्य बल है। रक्षा मंत्रालय भारतीय सशस्त्र बलों के प्रबंधन के लिए जिम्मेदार है।

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भारतीय शस्‍त्र सेनाओं की सर्वोच्‍च कमान भारत के राष्‍ट्रपति के पास है। राष्‍ट्र की रक्षा का दायित्‍व मंत्री मंडल के पास होता है। इसके निर्वहन रक्षा मंत्रालय से किया जाता है। चीन और भारत मिलिट्री मैन पॉवर के लिहाज से दुनिया के दो सबसे बड़े देश हैं। चीन की सेना में 21.83 लाख और भारत के पास कुल 14.44 लाख जवान हैं।

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