बेटे की शहादत की खबर सुन मां ने कही ऐसी बात, रो पड़े थाना प्रभारी…

नक्सली हमले (Naxal Attack) में अपने बेटे के शहीद होने की खबर सुनकर यह मां फूट-फूटकर नहीं रोई, बल्कि ऐसी बात कही कि थाना प्रभारी भी रो पड़े। दरअसल, सुकमा में हुए नक्सली हमले (Naxal Attack) में शहीद हुए 17 जवानों में अमरजीत खलखो भी शामिल थे।

Naxal Attack
शहीद अमरजीत खलखो। (फाइल फोटो)

अमरजीत खलखो जशपुर जिले के औरीजोरा हर्राड़ाड के रहने वाले थे। उन्होंने 2 साल पहले ही  STF ज्वॉइन किया था। जवानों के शहीद होने की खबर अगले दिन यानी 22 मार्च को सर्चिंग के बाद पता चली थी। जब अमरजीत के शहीद होने की खबर लेकर थाना प्रभारी घर पहुंचे, तो वहां शहीद की मां की बातें सुनकर वे भी रो पड़े।

जब उन्होंने शहीद अमरजीत की मां से कहा कि खुद का संभालिए, तो शहीद की मां ने कहा- ‘मेरा कलेजा बहुत मजबूत है, अब मेरा दूसरा बेटा भी फोर्स में जाकर देशसेवा करेगा।’ अपना जवान बेटा खोने वाली एक मां को इस तरह, इतनी मजबूती से खुद को संभालते हुए देख वहां मौजूद सभी लोगों की आंखों से आंसू निकल आए।

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मां की आंखों में अपने जवान बेटे को खोने का दर्द साफ दिख रहा था। गांव वालों को गर्व था कि यह जवान उनके गांव का रहने वाला था। शहीद अमरजीत के पिता अमृत खलखो की 3 साल पहले करंट लगने से मौत हो गई थी। इसके बाद घर की सारी जिम्मेदारी अमरजीत के कंधों पर आ गई थी। शहीद अमरजीत के परिवार में मां, छोटा भाई और नानी हैं।

शहीद की मां ने बताया कि दो दिन पहले ही उससे बात हुई थी। अमरजीत गांव में अपना घर बनवा रहे थे। उन्होंने मां से कहा था कि घर का डिजाइन वे खुद बनाएंगे। अमरजीत का रिश्ता भी पक्का हो गया था। जल्द ही उनकी शादी होनेवाली थी।

बता दें कि छत्तीसगढ़ के सुकमा में 21 मार्च की देर रात करीब 2.20 बजे सुरक्षा बल के जवानों ने एक एंटी नक्सल ऑपरेशन चलाया था। इस दौरान घात लगाए नक्सलियों (Naxalites) ने जवानों पर हमला (Naxal Attack) कर दिया। जिसके बाद बड़ी मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में 14 जवान जख्मी हो गए थे और 17 जवान लापता बताए जा रहे थे। इन लापता जवानों का शव 22 मार्च को बरामद किया गया।

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