Sukma Attack: शहीद जवान लिबरु राम का शव देख निढ़ाल हुई पत्नी, भारत माता के जयकारे के साथ हुआ अंतिम संस्कार

छत्तीसगढ़ में 17 शहीद जवानों के परिजन गमजदा हैं। सुकमा हमले (Sukma Attack) में शहीद जवानों की लिस्ट में मिनपा इलाके के तोंगपाल थाना क्षेत्र के लेदा पंचायत के चिड़पाल के रहने वाले जवान लिबरु राम का भी नाम है। 23 मार्च को लिबरु राम का शव उनके घर पहुंचते ही वहां मातम पसर गया। लिबरु राम के शव को अंतिम संस्कार के लिए उनके गृहग्राम में लाया गया था।

Sukma Attack
पूरे राजकीय सम्मान के साथ शहीद लिबरु राम को अंतिन विदाई दी गई।

लिबरु राम के घर में उनके पिता, पत्नी और एक बहन हैं। शहीद लिबरु राम का शव घऱ पहुंचते ही उनके सभी परिजन आंसुओं में डूब गए। लिबरु राम की शादी कुछ ही साल पहले हुई थी। उनकी मां का देहांत हो चुका था। लिबरु राम के कंधों पर पूरे घर की जिम्मेदारी थी और अब उनके शहीद होने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। शहीद के दुखी परिजनों ने भारी मन से उन्हें अंतिम विदाई दी और फिर उनका अंतिम संस्कार किया गया।

सुकमा हमले (Sukma Attack) में शहीद लबरु राम के गांव लेदा में उनके अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। लिबरु राम के जाने से सभी दुखी तो थे लेकिन एक शहीद के तौर पर उनके बलिदान को देख गांव के सभी लोग फख्र भी महसूस कर रहे थे। भारत माता के जयकारे की गूंज के बीच लिबरु राम का अंतिम संस्कार पूरे सम्मान के साथ किया गया।

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आपको बता दें कि बीते शनिवार की देर रात सुकमा के बीहड़ों में नक्सलियों ने गश्त कर रहे जवानों पर घात लगाकर हमला किया था। जिसके बाद मुठभेड़ सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई थी। इस मुठभेड़ में नक्सलियों ने हमें बड़ा नुकसान पहुंचाया था। एनकाउंटर में हमारे 17 जवान शहीद हो गए और करीब 13 जवान जख्मी हो गए हैं। इस घटना के बाद राज्य के सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि शहीद जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा बल्कि नक्सलियों के खिलाफ अब निर्णायक लड़ाई होगी।

जो 17 जवान इस मुठभेड़ में शहीद हुए हैं पहले उनक लापता होने की खबर आई थी। लेकिन बाद में सुरक्षा बल के करीब 600 जवान अपने साथियों की तलाश में दोबारा जंगलों में घुसे थे। सर्च अभियान के दौरान सभी 17 जवानों की डेड बॉडी मिली थी।

यहां उच्च अधिकारियों ने बताया था कि करीब 250 की संख्या में नक्सलियों ने हमारे जवानों पर हमला किया था। उस वक्त हमारे जवान मैदानी इलाके में तथा वो खुद पहाड़ों पर मौजूद थे। इस हमले के बाद नक्सलियों ने जवानों के हथियार भी चुरा लिए थे।

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