शादी को एक साल भी नहीं हुए थे पूरे, नक्सली हमले में शहीद हुआ यूपी का जवान

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में सर्च आपरेशन के दौरान नक्सलियों से मुठभेड़ में शहीद हुए उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के सीआरपीएफ (CRPF) जवान विकास कुमार (Martyr Vikas Kumar) का पार्थिव शरीर 11 फरवरी को देर शाम उनके पैतृक गांव लामा लाया गया।

Martyr Vikas Kumar
शहीद की मां और पत्नी।

बता दें बीजापुर जिले के इरापल्ली गांव में नक्सलियों के साथ 10 फरवरी को मुठभेड़ में कोबरा जवान विकास कुमार (Martyr Vikas Kumar) और कान्स्टेबल पूर्णानंद ने अपनी जान गंवा दी थी।

शादी की सालगिरह के 13 दिन पहले ही हो गए शहीद

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों से मुठभेड़ में शहीद जिले के लामा गांव के लाल विकास कुमार (Martyr Vikas Kumar) का शव 11 फरवरी देर रात गांव पहुंचा। शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचते ही पूरा गांव अपने बेटे की शहादत पर रो पड़ा। शहीद की पत्नी नंदनी शहादत की खबर से ही बेसुध थी। ताबूत देखा तो उससे लिपटकर दहाड़े मार रो पड़ी। मां कैलशिया की भी हालत ऐसी ही थी। रोते-रोते दोनों कई बार बेहोश हुईं। बेटे की शहादत से विचलित दिख रही मां कैलशिया बार-बार देश के लिए बेटे की वफादारी और बलिदान पर गर्व की बात कह रही थी। पत्नी नंदनी ने कहा कि उन्हें गर्व है कि वह एक शहीद की पत्नी हैं। विकास अपनी शादी की सालगिरह के 13 दिन पहले ही शहीद हो गए।

भाई की शादी पर आने वाले थे घर

विकास (Martyr Vikas Kumar) अपने पैतृक गांव लामा अंतिम बार पिछले साल अक्तूबर में आए थे। इससे पहले, वे अपनी शादी के दौरान 15 दिन गांव में बीता कर गए थे। विकास को छोटे भाई आकाश की शादी में शामिल होने के लिए उन्हें 25 फरवरी को घर आना था। आकाश की शादी शादी 7 मार्च को है। आकाश ने बताया कि शहादत के चंद घंटे पूर्व भाई से फोन पर बात हुई थी। विकास ने आकाश से कहा था कि शादी के कार्ड छप गए हों तो प्रेस से ले आना। सभी को निमंत्रण देना है। आकाश ने बताया कि शादी के लिए कई वाहन भी भाई ने खुद बुक किए थे। आकाश ने बताया कि भईया को जितनी घर की चिंता थी, उससे कहीं ज्यादा वे अपने देश और ड्यूटी के प्रति वफादार थे।

पत्नी हैं 6 माह की गर्भवती

आकाश के पिता की मृत्यु 2006 में हो गई थी। उस समय उनके तीन पुत्रों में सबसे बड़ा बेटा विकास पढ़ाई कर रहे थे। पिता की मृत्यु के बाद घर में बड़ा होने के नाते घर की जिम्मेदारी विकास पर ही आ गई थी। अपनी मेधा और मेहनत की बदौलत वह साल 2008 में सीआरपीएफ (CRPF) में भर्ती हो गए। उन्हें असम में बटालियन 204 में पहली तैनाती मिली। उसके बाद वह जम्मू और पंजाब में भी तैनात रहे। दो साल से छत्तीसगढ़ में उनकी पोस्टिंग थी।

विकास (Martyr Vikas Kumar) की शादी 23 फरवरी, 2019 को नंदनी वर्मा से हुई थी। पत्नी नंदनी छह माह की गर्भवती हैं। अभी शादी को एक साल भी पूरे नहीं हुए और नंदनी का सुहाग उजड़ गया। शहीद जवान विकास कुमार अपने तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। उनसे बड़ी बहन सुधा है। दूसरे नंबर का भाई आकाश है और तीसरे नंबर का सबसे छोटा भाई विनय प्रकाश है।

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