VIDEO: शहीद पिता के स्मारक से लिपट रोने लगी 1 साल की मासूम, नम हुई सभी की आंखें

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के शहीद (Martyr) एसआई मूलचंद कंवर की सवा साल की बेटी का भावुक कर देनेवाला वीडियो सामने आया है। मूलचंद की शहादत के 8 महीने बाद 3 सितंबर, 2018 को उनकी बेटी वनिया का जन्म हुआ था। वनिया ने पिता का चेहरा भी नहीं देखा है।

Martyr
शहीद पिता की प्रतिमा से लिपटी बेटी।

13 दिसंबर को मूलचंद का जन्मदिन था। परिवार जन्मदिन मनाने उनके स्मारक पर पहुंचा था। पिता की प्रतिमा से बात करती हुई बेटी को देखकर वहां मौजूद सभी की आंखें नम हो गईं। शहीद (Martyr) की बेटी वनिया पिता की प्रतिमा देखते ही पास पहुंच गई। वीडियो में दिख रहा है कि वह प्रतिमा को गले लगा रही है और तुतलाते हुए बातें कर रही है, तो कभी मिठाई खिला रही है। यह बहुत ही भावुक कर देने वाला वीडियो है। परिवार के लोगों ने बताया कि वनिया ने पिता का चेहरा भी नहीं देखा। क्योंकि जब वह गर्भ में पल रही थी तब उसके पिता मूलचंद शहीद हो गए थे।

वनिया ने जब रिश्तेदारों को पहचानना शुरू किया तो अक्सर घर वाले उसे उसके पिता मूलचंद की तस्वीर दिखाया करते थे। इसलिए जब वह जन्मदिन के मौके पर पिता की प्रतिमा के पास पहुंची तो वह प्रतिमा को दुलारने लगी। नन्हीं बेटी पिता की प्रतिमा से लिपट गई, जिसने कभी अपने पिता को नहीं देखा, वह तुतलाते हुए कह रही है पापा जै-जै (जय-जय)। बता दें कि एसआई मूलचंद कंवर नक्सलियों से मुकाबला करते हुए करीब 2 साल पहले शहीद (Martyr) हो गए थे।

यहां वीडियो देखें-

उरगा के घनाडबरी गांव में रहने वाले मूलचंद कंवर 12 अगस्त, 2013 को पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर (एसआई) बने। ट्रेनिंग के बाद उनकी पोस्टिंग नारायणपुर जिले में हुई थी। जहां उन्होंने कई नक्सली अभियानों में हिस्सा लिया था। उनकी बहादुरी की वजह से उनका नाम आउट ऑफ टर्न प्रमोशन के लिए भेजा गया था। लेकिन, इससे पहले 24 जनवरी, 2018 को अबूझमाड़ इलाके में नक्सलियों से मुकाबला करते हुए गोली लगने से वे शहीद (Martyr) हो गए थे। एसआई मूलचंद कंवर की शादी अप्रैल, 2017 में इंद्रप्रभा कंवर से हुई थी। उनकी शहादत के 8 महीने बाद 3 सितंबर, 2018 को इंद्रप्रभा ने बेटी को जन्म दिया था।

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