बीजापुर नक्सली मुठभेड़ में शहीद हुआ झारखंड का जवान, 3 साल के बेटे को है पिता का इंतजार

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बीजापुर में 11 मई को नक्सलियों से हुई मुठभेड़ (Naxal Encounter) में सीआरपीएफ (CRPF) का एक जवान शहीद हो गया।

CRPF

शहीद मुन्ना कुमार यादव।(फाइल फोटो)

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बीजापुर में 11 मई को नक्सलियों से हुई मुठभेड़ (Naxal Encounter) में सीआरपीएफ (CRPF) का एक जवान शहीद हो गया। जिले के मिरतुर थाना क्षेत्र में दोपहर करीब दो बजे नक्सलियों (Naxalites) के साथ यह मुठभेड़ हुई। बीजापुर (Bijapur) एसपी कमलोचन कश्यप के मुताबिक, इलाके में नक्सलियों की मौजूदगी की खुफिया सूचना मिली थी।

इस सूचना के आधार पर डीआरजी और सीआरपीएफ के जवानों की संयुक्त टीम एंटी नक्सल ऑपरेशन के लिए भेजी गई थी। 11 मई दोपहर मिरतुर थाना क्षेत्र के जंगल में नक्सलियों से जवानों की मुठभेड़ हो गई। इसमें सीआरपीएफ (CRPF) के जवान मुन्ना यादव शहीद हो गए। शहीद जवान मुन्ना यादव (30) झारखंड के साहिबगंज जिले के रहने वाले थे।

Chhattisgarh: बीजापुर में नक्सली मुठभेड़, CRPF का एक जवान शहीद

जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के महादेवगंज में उनका घर है। उनके पिता का नाम भुवनेश्वर प्रसाद यादव है। शहीद मुन्ना कुमार यादव के पिता पेशे से किसान हैं। जवान मुन्ना यादव की शहादत की खबर सुन पूरा गांव गमजदा है। साल 2010 में मुन्ना यादव ने सीआरपीएफ (CRPF) ज्वॉइन किया था। वे CRPF की 170वीं बटालियन में तैनात थे। उनकी पहली पोस्टिंग वारंगल में हुई थी। अभी 4 महीने पहले ही उनका ट्रांसफर बीजापुर हुआ था।

परिजनों को मुन्ना के शहीद होने की सूचना दोपहर लगभग तीन बजे मिली। उनके घर में पत्नी व परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। तीन भाइयों में शहीद मुन्ना दूसरे नंबर के थे। मुन्ना अपने पीछे पिता भुनेश्वर यादव, मां गीता देवी, पत्नी नीता देवी, 6 साल की बेटी सोनी कुमारी और 3 साल के बेटे को छोड़ गए हैं। शहीद मुन्ना बड़े ही हंसमुख स्वभाव के थे। वे होली की छुट्टियों पर आखिरी बार घर आए थे। शहीद के 3 साल के बेटे को तो एहसास भी नहीं है कि अब उसके पिता कभी नहीं आएंगे। उसे तो शायह अब भी यही लग रहा है कि अगली छुट्टियों में उसके पापा फिर आएंगे।

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