जंगल में बंकर ही होता है सेना के जवानों का घर, जानें यहां कैसे होता है गुजारा

Indian Army: सरहद पर ड्यूटी के दौरान जवानों के दिमाग में बस दिमाग में यह होता है कि सब कुछ शक से देखें, अलर्ट रहें और दुश्मन को घुसने न दें।

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फाइल फोटो।

Indian Army: सरहद पर ड्यूटी के दौरान जवानों के दिमाग में बस दिमाग में यह होता है कि सब कुछ शक से देखें, अलर्ट रहें और दुश्मन को घुसने न दें।

भारतीय सेना (Indian Army) के जवान दुश्मनों की बुरी नजर से देश को बचाने के लिए किसी भी हद तक गुजर सकते हैं। भारतीय जवान सीमा पर दिन रात कड़ी मेहनत करते हैं ताकि हम सुकून की नींद ले सकें। कई जवान सरहद पर जंगल में बंकर बनाकर रहते हैं।

जवानों के लिए बंकर ही उनका घर होता है। यहां वे पांच लीटर पानी से गुजारा करते हैं। जवानों को किसी भी सूरत में पांच लीटर पानी में दिन भर की जरूरत पूरी करनी होती है।

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सरहद पर ड्यूटी के दौरान जवानों के दिमाग में बस दिमाग में यह होता है कि सब कुछ शक से देखें, अलर्ट रहें और दुश्मन को घुसने न दें। चौकी पर निगरानी और घुसपैठ रोकने के लिए फेंसिंग पर पट्रोलिंग के अलावा जवानों को दुश्मन से निपटने के लिए कई दिनों तक जंगल में रहना पड़ता है।

बंकर एक रक्षात्मक सैन्य किलेबंदी है जिसे लोगों और मूल्यवान सामग्रियों को गिरने वाले बम या अन्य हमलों से बचाने के लिए डिजाइन किया जाता है। बंकर ब्लॉक के विपरीत और भूमिगत होते हैं।

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जवान गोलीबारी या बमबारी के दौरान इनमें घुसकर खुद को सुरक्षित रख सकते हैं। हालांकि, जैसे ही दुश्मन बंकर नजर आए वैसे ही फायरिंग शुरू कर दी जाती है। कई बार तो दुश्मन चुपचाप बंकर में भी घुसकर धावा बोल देते हैं। ऐसे में जवानों को हमेशा अलर्ट रहना होता है।

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