ऑपरेशन ‘सफेद सागर’ के जरिए पाक सेना पर मिराज 2000 से गिराए बम, कारिगल में अहम साबित हुई थी एयरफोर्स

युद्ध के दौरान फोर्स ने दुश्मनों का सफाया करने के लिए ऑपरेशन ‘सफेद सागर’ चलाया था। उस दौरान भारत के पास मिग 21, मिग 23 और मिग 27 जैसे लड़ाकू विमान थे।

Kargil War कारगिल युद्ध

पाकिस्तान के खिलाफ एक भारतीय सेना युद्ध के मैदान में तैनात। (फाइल फोटो)

युद्ध के दौरान फोर्स ने दुश्मनों का सफाया करने के लिए ऑपरेशन ‘सफेद सागर’ चलाया था। उस दौरान भारत के पास मिग 21, मिग 23 और मिग 27 जैसे लड़ाकू विमान थे।

कारगिल युद्ध 1999 में भारत और पाकिस्तान के बीच लड़ा गया था। इस युद्ध में भारत ने पाकिस्तानी सेना को भगा-भगाकर मारा था। देश पर नाज करने के कई ऐतिहासिक लम्हें आए उनमें से एक था करगिल युद्ध। इस युद्ध से पहले पाकिस्तान और भारत के संबंध मधुर हो रहे थे।

तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ लगातार बातचीत करते थे। संबंधों का अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि 19 फरवरी, 1999 को तत्कालीन पीएम अटल बिहारी वाजपेयी अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों, सांसदों, लेखकों, कलाकारों को लेकर बस से लाहौर पहुंचे थे।

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युद्ध के दौरान इंडियन एयर फोर्स ने दुश्मनों का सफाया करने के लिए ऑपरेशन ‘सफेद सागर’ चलाया था। उस दौरान भारत के पास मिग 21, मिग 23 और मिग 27 जैसे लड़ाकू विमान थे, पर ये विमान पाकिस्तान का मुकाबला करने के लिए नाकाफी थे। जिसके बाद वायुसेना ने आपरेशन सफेद सागर में मिराज 2000 विमानों का इस्तेमाल किया और दुश्मन को कमरतोड़ जवाब देते हुए जमकर बमबारी की। मिराज 2000 की खासियत है कि इनमें लेजर गाइडेड बमों से हमला करने की क्षमता है।

यह ऑपरेशन वास्तव में दुश्मनों के खिलाफ मील का पत्थर साबित हुआ था। कारगिल की जीत का श्रेय आर्मी के ‘ऑपरेशन विजय’ को दिया जाता है, पर ‘सफेद सागर’ ने भी इसमें बड़ा योगदान दिया था। एयरफोर्स न होती, तो सैकड़ों जवानों की लाशों के ढेर लग जाते।

इस युद्ध के दौरान पाकिस्तानी सैनिक लगातार रॉकेट लॉन्चर और गोलियों से हमला कर रहे थे पर इस ऑपरेशन के जरिए एयर फोर्स द्रास और बटालिक की ऊंची पहाड़ियों से उठाकर वापस सुरक्षित स्थान पर लेकर आई।

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