झारखंड के लाल का राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार, बीजापुर नक्सली मुठभेड़ में हो गया था शहीद

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में हुई नक्सली मुठभेड़ में शहीद हुए झारखंड के बेटे सीआरपीएफ (CRPF) जवान मुन्ना यादव का पार्थिव शरीर आज पैत्रिक गांव पहुंचा। शहीद का शव जैसे ही गांव पहुंचा परिजनों के साथ-साथ पुलिस पदाधिकारियों की भी आंखें छलक उठीं।

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बीजापुर में हुई नक्सली मुठभेड़ में शहीद झारखंड के बेटे सीआरपीएफ (CRPF) जवान मुन्ना यादव का पार्थिव शरीर आज पैत्रिक गांव पहुंचा।

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में हुई नक्सली मुठभेड़ में शहीद हुए झारखंड के बेटे सीआरपीएफ (CRPF) जवान मुन्ना यादव का पार्थिव शरीर आज पैत्रिक गांव पहुंचा। शहीद का शव जैसे ही गांव पहुंचा परिजनों के साथ-साथ पुलिस पदाधिकारियों की भी आंखें छलक उठीं। परिजनों के रुदन से पूरा माहौल गमगीन हो गया।

साहिबगंज मुफस्सिल थाना प्रभारी कैलाश कुमार शहीद जवान के घर पहुंच उनके पिता भुवनेश्वर यादव को सांत्वना दी 12 मई सुबह 11 बजे शहीद के पार्थिव शरीर को वायुसेना के हेलीकॉप्टर से साहिबगंज स्थित जैप 9 के हेलीपेड में लाया गया। यहां, पुलिस पदाधिकारियों ने शहीद को अंतिम सलामी दी। वहीं, स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा भी शहीद मुन्नी यादव को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

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साहिबगंज स्थित गंगा घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। उधर, डीसी वरुण रंजन ने बताया कि सीआरपीएफ (CRPF) जवान के शहीद होने की घटना बेहद दुखद है। उन्होंने शहीद के परिजनों को हर संभव मदद का भरोसा दिया है। मुन्ना यादव साल 2010 में सीआरपीएफ में बहाल हुए थे। उनकी पहली पोस्टिंग वारंगल में हुई थी। वे बीजापुर में सीआरपीएफ (CRPF) की 170वीं बटालियन में तैनात थे।

अभी 4 महीने पहले ही उनका ट्रांसफर बीजापुर हुआ था।हंसमुख स्वभाव के मुन्ना होली की छुट्टी में घर आए थे। मुन्ना की शहादत की खबर सुन गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया। वहीं उनके घर में पत्नी व परिजनों का रो रोकर बुरा है। मुन्ना अपने पीछे पिता भुनेश्वर यादव, मां गीता देवी, पत्नी नीता देवी सहित एक 6 वर्षीय पुत्री सोनी कुमारी व 3 वर्षीय पुत्र छोड़ गए हैं।

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छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के मिरतुर थाना क्षेत्र में 11 मई को मुठभेड़ हुई थी, जिसमें सीआरपीएफ के जवान मुन्ना यादव की शहीद हो गए थे। दरअसल, इस इलाके में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर जिला रिजर्व गार्ड और सीआरपीएफ (CRPF) की संयुक्त टीम रवाना की गई थी। दोपहर करीब दो बजे नक्सलियों से जवानों का आमना-सामना हो गया। अचानक हुई इस फायरिंग में साहिबगंज जिले के महादेवगंज निवासी मुन्ना यादव घायल हो गए थे। बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।

बता दें कि कोरोना वायरस से फैली महामारी की वजह से देशभर में लॉकडाउन चल रहा है। पर नक्सली इस बुरे वक्त में भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे। छत्तीसगढ़ में आए दिन नक्सली घटनाएं सामने आ रही हैं। 11 मई को हुई मुठभेड़ से पहले भी छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के गढ़चिरौली से सटी सीमा पर स्थित परधौनी जंगल में मुठभेड़ हुई थी।इस मुठभेड़ में चार नक्सली ढेर हो गए थे। मारे गए हार्डकोर नक्सलियों पर कुल 15 लाख रुपये का इनाम था। इनमें दो महिला नक्सली भी शामिल थीं। इस मुठभेड़ में मदनवाड़ा थाना प्रभारी उपनिरीक्षक श्याम किशोर शर्मा शहीद हो गये थे।