देशभक्तों के लिए सच्ची प्रेरणा: 8 महीने की गर्भवती CRPF कमांडो सुनैना एंटी-नक्सल दस्ते में सेवारत

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा में नक्सलियों (Naxali) के खिलाफ सुरक्षाबलों के ऑपरेशन में शामिल सुनैना पटेल (Sunaina Patel) नारी शक्ति की एक जीवंत और आदर्श उदाहरण हैं। सुनैना पटेल जिस साहस और धीरज के साथ लोहा ले रही है और सबसे काबिल-ए-तारीफ है क्योंकि वे गर्भवती अवस्था में भी अपने हाथों में एके 47 राइफल, पीठ पर 10 किलों का भारी भरकम बैग और अन्य जरूरी सामान लेकर नक्सलियों से लोहा लेने घने जंगलों में निकलती हैं। सुनैना के सर पर काम का इतना जुनून है कि नक्सलियों से लोहा लेने बेखौफ होकर टीम के साथ जंगलों में निकल पड़ती हैं। गर्भवती होने के बाद भी सुनैना ने इस काम को नहीं छोड़ा, बल्कि इसी दौरान सबसे ज़्यादा काम किया।

Sunaina Patel

आपको बता दें कि गर्भवती होने के बाद भी सुनैना (Sunaina Patel) भारी भरकम बोझ कंधों पर लटकाकर अपनी ड्यूटी करती रहीं। इस दौरान सुनैना घने जंगलों, झाड़ियों, पहाड़ों को पार कर पैदल कई किलोमीटर चलकर नक्सल ऑपरेशन (Naxal Operations) में शामिल होती रहीं हैं। करीब 6 महीने के बाद जब उनके अधिकारियों को पता चला कि वह गर्भवती हैं तो हर कोई सुनैना की तारीफ कर रहा है। सुनैना की साथी महिला कमांडोज ने तो यहां तक कहा कि अगर उसे बेटी हुई तो हम उसे दंतेश्वरी फाइटर्स ही कह कर पुकारेंगे।

पढ़ें: लैंगिक समानता की दिशा में CRPF की सराहनीय पहल, इनको दिया जाएगा एक लाख का इनाम

पिछले वर्ष मई माह में दंतेवाड़ा पुलिस ने महिला पुलिस कर्मी और सरेंडर नक्सलियों को मिलाकर महिला डीआरजी की टीम गठित की गई थी। सुनैना (Sunaina Patel)  भी इसी टीम का हिस्सा हैं। वो नदी पार कर पाहुरनार गांव में मेगा हेल्थ कैम्प, चिकपाल कैम्प ओपनिंग, मड़कामीरास, जंगमपाल जैसे कई सारे नक्सली गांवों में ऑपरेशन, सर्चिंग में शामिल रही हैं। इसके अलावा चुनाव के समय भी अंदरूनी इलाकों में ड्यूटी से पीछे नहीं हटीं। सुनैना नक्सलियों के अत्याचारों पर केंद्रीत सुरक्षा बलों द्वारा बनाई गई एक शार्ट फिल्म ‘नई सुबह का सूरज’ में भी लीड रोल निभा चुकी हैं। इस फिल्म में सुनैना नक्सली रहते ही गर्भवती हो जाती हैं और फिर बाद में अपने बच्चे की लड़ाई लड़ती हैं। सुनैना ने फिल्म में निभाये अपने रोल को अपनी वास्तविक जीवन में भी वैसे ही निभा रही हैं।

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में नक्सलियों से निपटने के लिए जिला रिजर्व गार्ड में दंतेश्वरी सेनानी के रूप में तैनात 8 महीने की गर्भवती महिला सुनैना (Sunaina Patel)  ने कहा, “डीआरजी टीम गठित होने के करीब महीने भर बाद ही मैं गर्भवती हो गई थी। मैंने इस बात की जानकारी अधिकारियों को इसलिए नहीं दी क्योंकि मैं नक्सल ऑपरेशन पर जाना चाहती थी। यह जानकारी अगर अधिकारियों को लग जाती तो शायद मुझे रोक दिया जाता। इसलिए मैंने साढ़े 6 महीने बाद अधिकारियों को गर्भवती होने की जानकारी दी।“

दंतेवाड़ा के एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव ने भी सुनैना (Sunaina Patel) की काफी तारीफ करते हुए कहा, “सुनैना इस टीम की काफी तेज तर्रार महिला कमांडो है। अधिकारियों को जब पता चला तो उनके स्वास्थ्य का ख्याल रखते हुए ऑपरेशन पर भेजना बन्द कर दिया।”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here