कारगिल युद्ध: हिमाचल के 52 जवानों ने दिया था बलिदान, दुश्मनों को चटाई थी धूल

मंडी जिले के 12 जवानों ने देश के लिए प्राण न्यौछावर कर दिए थे। देश की सरहदों पर कुर्बानी देने में जिला हमीरपुर भी पीछे नहीं रहा।

Kargil War

फाइल फोटो।

Kargil War: मंडी जिले के 12 जवानों ने देश के लिए प्राण न्यौछावर कर दिए थे। देश की सरहदों पर कुर्बानी देने में जिला हमीरपुर भी पीछे नहीं रहा। युद्ध में यहां से आठ जवान शहीद हुए थे।

भारत और पाकिस्तान के बीच 1999 में लड़े गए कारगिल युद्ध (Kargil War) में 52 जवानों ने प्राणों की आहूति दी थी। जंग के मैदान में दुश्मनों को नेस्तनाबुद करने वाले ये जवान आज भी लोगों के दिलों में बसते हैं। देश की रक्षा करने में हिमाचली सपूतों का बड़ा योगदान रहा है। जब-जब देश को हिमाचली सपूतों की जरूरत पड़ी है तब-तब उन्होंने इसे साबित भी किया है। प्राणों की आहुति देकर विजय गाथा लिखने वाले इन जवानों का बलिदान हमेशा याद रखा जाता रहेगा।

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दुश्मनों पर कहर बनकर टूटने वाले हिमाचली जवान जंग के मैदान में शहादत देना पसंद करते हैं लेकिन हारना नहीं। कारगिल युद्ध में भी जवानों ने शहादत का ऐसा इतिहास लिखा था जिसकी आज भी मिसाल की पेश की जाती है। इन 52 शहीदों में से सबसे ज्यादा शहीद कांगड़ा जिले के थे। वहीं मंडी जिले के 12 जवानों ने देश के लिए प्राण न्यौछावर कर दिए थे। देश की सरहदों पर कुर्बानी देने में जिला हमीरपुर भी पीछे नहीं रहा। युद्ध में यहां से आठ जवान शहीद हुए थे।

इन 52 शहीदों में से 2 को परमवीर च्रक, 5 को वीर चक्र और 9 को सेना मेडल दिए गए थे। इसके अलावा एक युद्ध सेना मेडल, 2 उत्तम युद्ध सेना मेडल और 2 जवानों को मेंशन इन डिस्पेचीज से सम्मानित किया गया था।

इन्हें मिला था परमवीर चक्र:

1. पालमपुर निवासी कैप्टन विक्रम बत्रा
2.  बिलासपुर निवासी संजय कुमार 

वीर चक्र प्राप्त करने वाले जवान

1. कैप्टन अमोल कालिया
2. हवलदार उद्धम सिंह
3. राइफलमैन श्याम सिंह
4. मेजर संजीव सिंह
5. राइफलमैन मेहर सिंह

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