1971 का युद्ध: लाहौर, कराची और रावलपिंडी एयरबेस से PAK युद्धक विमान भरते थे उड़ान, Indian Army के सैनिक L-70 हथियार से लगाते थे इनपर निशाना

भारत और पाकिस्तान के बीच 1971 में युद्ध लड़ा गया था। इस युद्ध में पाकिस्तान को हराने के लिए हर मोर्चे पर भारतीय सेना (Indian Army) ने शानदार प्रदर्शन किया था।

Champawat Horror Gaon

प्रतीकात्मक तस्वीर।

Indian Army: युद्ध के दौरान पाकिस्तान के एयरबेस लाहौर, कराची और रावलपिंडी से युद्धक विमान उड़ान भरते थे। हमारे जवान विमानों की जानकारी देने के साथ ही इन पर एल-70 हथियारों से निशाना लगाते थे।

भारत और पाकिस्तान के बीच 1971 में युद्ध लड़ा गया था। इस युद्ध में पाकिस्तान को हराने के लिए हर मोर्चे पर भारतीय सेना (Indian Army) ने शानदार प्रदर्शन किया था। बांग्लादेश की आजादी के लिए लड़े गए इस युद्ध में पाकिस्तान के जवानों ने सरेंडर किया था। इसके साथ ही बांग्लादेश को आजादी मिली और वह दुनिया के नक्शे पर अलग देश के रूप में सामने आया।

युद्ध के दौरान पाकिस्तान हवाई हमलों के जरिए भारतीय सेना (Indian Army) को नुकसान पहुंचाना चाहता था लेकिन ऐसा नहीं कर सका। पाकिस्तान को इसमें ज्यादा सफलता नहीं मिल सकी थी।

West Bengal: ममता कैबिनेट के 43 मंत्रियों ने ली शपथ, 8 महिलाएं भी शामिल

इस युद्ध में मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में स्थित कुंदानगर निवासी 71 वर्षीय श्रीकृष्ण बार्चे ने भी अपना अहम योगदान दिया था। वे बताते हैं कि उन्होंने युद्ध के दौरान आर्टरी रेजीमेंट के अजनाला सेक्टर में गोलाबारी के बीच राडार संबंधी समस्याओं के लिए अन्य सैनिकों की मदद की थी।

वे उन दिनों को यादकर बताते हैं, “युद्ध के दौरान पाकिस्तान के एयरबेस लाहौर, कराची और रावलपिंडी से युद्धक विमान उड़ान भरते थे। bs विमानों की जानकारी देने के साथ ही इन पर एल-70 हथियारों से निशाना लगाते थे।”

ये भी देखें-

श्रीकृष्ण बार्चे आगे बताते हैं, “दुश्मनों की गतिविधि पर नजर रखने के लिए हर वक्त सैनिक तैनात रहते थे। रडार संबंधी समस्याओं को दुरुस्त रखा जाता था। मैं इसमें अपना योगदान देता था। रडार के जरिए ही दुश्मन के विमानों का पहले ही पता लगाया जा सकता है।”

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, यूट्यूब पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

यह भी पढ़ें