पवन कुमार मोदी पवन मोदी ने मैट्रिक पास करने के पहले से ही अपने गांव के महादलित टोला में बच्चों को पढ़ाने का काम शुरू कर दिया था।

भारत की आंतरिक सुरक्षा को बनाए रखना कोई आसान काम नहीं हैं। तेर्रम के जंगलों में हुई नक्सली मुठभेड़ में CRPF, DRG और STF के 22 जवान शहीद हो गए।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बीजापुर-सुकमा बॉर्डर पर 3 अप्रैल को हुए नक्सली हमले (Naxal Attack) में हमारे 22 जनाव शहीद हो गए और 31 जवान घायल हो गए थे। इसके अलावा, नक्सलियों (Naxalites) ने इस दौरान CRPF के एक जवान को अगवा कर लिया था।

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने 9 अप्रैल को शौर्य दिवस मनाया। इस मौके पर वीर सैनिकों की शहादत को नमन करते हुए शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर CRPF के DG कुलदीप सिंह ने चाणक्यपुरी स्थित नेशनल पुलिस मेमोरियल में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) के शोपियां (Shopian) में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम ने 9 अप्रैल को अंसार गजवात-उल हिंद (Ansar Gazwat Ul Hind) के कमांडर इम्तियाज शाह (Imtiyaz Shah) को मार गिराया।

बीजापुर में तैनात डीएसपी अभिषेक सिंह ने नक्सली हमले में शहीद हुए दीपक भारद्वाज (Deepak Bhardwaj) की जांबाजी का किस्सा साझा किया है।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बीजापुर में 3 अप्रैल को हुए नक्सली हमले (Naxal Attack) में हमारे 22 जवान शहीद हो गए थे। कोबरा कमांडो (CoBRA Commando) राकेश्वर सिंह ((Rakeshwar Singh Manhas) हमले के बाद से ही लापता थे।

कोबरा कमांडो (CoBRA Commando) राकेश्वर सिंह (Rakeshwar Singh Manhas) को नक्सलियों (Naxalites) के कब्जे से रिहा कराने में 90 साल के स्वतंत्रता सेनानी और सामाजिक कार्यकर्ता धर्मपाल सैनी (Dharmpal Saini) की अहम भूमिका है।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh)  के बीजापुर में 3 अप्रैल को हुए नक्सली हमले (Naxal Attack) में 22 जवान शहीद हो गए। इस हमले ने पूरे देश को दहला कर रख दिया है।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बीजापुर में 3 अप्रैल को हुए नक्सली हमले (Bijapur Naxal Attack) को अंजाम देने के पीछे 25 लाख के इनामी कुख्यात नक्सली कमांडर हिडमा (Hidma) का हाथ बताया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के धुर नक्सल प्रभावित बस्तर (Bastar) संभाग में सरकार की योजनाओं के तहत लगातार विकास का काम हो रहा है। बस्तर जैसे नक्सल ग्रस्त इलाके (Naxal Area) में विकास के लिए पहली जरूरत सड़कों की है।

वीर शहीद बुधु भगत (Budhu Bhagat) छोटानागपुर के उस जन आन्दोलन के नायक थे, जिसे अंग्रेजों ने 'कोल विद्रोह' का नाम दिया, जैसे 1857 के पहले स्वतंत्रता आन्दोलन को सिपाही विद्रोह का नाम दिया गया है।

नक्सली संगठन (Naxal Organizations) आजकल एनकाउंटर से अधिक सरकारों द्वारा आत्मसमर्पण के लिए चलाए जा रही कल्याणकारी नीतियों एवं पुनर्वास योजनाओं से डर रहे हैं।

Indo-Tibetan Border Police यानी (ITBP), भारत-तिब्बत सीमा की रखवाली करने वाले ये बहादुर जवान जब हिमालय की चोटियों पर तिरंगा फहराते हैं तो सारा आकाश इन्हें गर्व से निहारता है।

शिवानंद आश्रम छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र दंतेवाड़ा के गीदम ब्लॉक के गुमरगुंडा में है। यहां गरीब बच्चे निःशुल्क शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। सभी बच्चे नक्सल पीड़ित हैं, इन सभी ने नक्सल हिंसा में अपने परिजनों को खोया है।

कॉन्स्टेबल अभिषेक पटेल (Head Constable Abhishek Patel) ने फर्ज के आगे अपनी जिंदगी को दांव पर लगा दिया। परिसर में मौजूद लगभग 400 लोगों की जान बचाने के लिए इस हीरो ने अपनी जान  जोखिम में डालने का फैसला किया।

पूर्व सैनिक, जो पिछले युद्धों में पाकिस्तान में युद्ध बंदी के रह चुके हैं। एयर कमोडोर जे एल भार्गव भी उन्हीं सैनिकों में एक हैं जो प्रिजनर ऑफ वॉर रह चुके हैं। वे 1971 के युद्ध में 1 साल तक पाकिस्तान में बंदी रहे थे।

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