Foundation Day OF Red Fort: 1857 के विद्रोह में इस किले को अंग्रेज़ों ने लूट कर खोखला कर दिया। यहीं से भारत की शान कोहिनूर को अंग्रेज लेकर लंदन गए थे।

27 अप्रैल को महाराष्ट्र के गढ़चिरौली से नक्सलियों एवं पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई। नक्सलियों ने घात लगाकर पुलिस जवानों पर हमला किया था। नक्सलियों ने पुलिस टीम पर बम धमाका किया। इस हमले का जवाब देते हुये पुलिस जवानों ने मोर्चा संभाला। पुलिस की जवाबी फायरिंग में दो महिला नक्सलियों मारी गई।

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में हुए मुठभेड़ में एक नक्सली मारा गया। उसकी पहचान कुख्यात माओवादी शंकर उर्फ़ कमलू के रूप में हुई है। सरकार की ओर से उसके सिर पर पांच लाख का ईनाम था।

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले का अबूझमाड़। घनघोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र। आए दिन यहां नक्सली अपनी गतिविधियों को अंजाम देते रहते हैं। बाहर के लोग इस इलाके से गुजरने से भी कतराते हैं। नक्सलियों ने इसे लिबरेटेड ज़ोन घोषित कर रखा है।

अरुणाचल प्रदेश के जिला अनजॉ का गांव मालोगम, जो चीन के सरहद से सटा हुआ है। वहा तक जाने के लिए कोई रास्ता नहीं है। ख़तरनाक पहाड़ी और जंगल के रास्तों से होकर गुजना पड़ता है। वहां आप सिर्फ़ पैदल ही जा सकते हैं। इस गांव में सिर्फ़ एक मतदाता है। फिर भी चुनाव आयोग अपनी पूरी ज़िम्मेदारी निभाते हुये उस एक मतदाता का मतदान सुनिश्चित कराती है। मतदान की पूरी प्रक्रिया में दो दिन का वक्त लगता है। जिसमें चुनाव आयोग की तरफ से पांच कर्मचारी इस ड्यूटी में लगते हैं।

लोकसभा चुनाव के पहले चरण में 18 राज्यों और 2 केंद्र-शासित प्रदेशों में मतदान हुए। जिसमें कुल 91 लोकसभा सीटों पर वोट डाले गए। चुनाव आयोग ने चुनाव के पुख्ते इंतजाम कर रखे थे। प्रशासन भी पूरी मुस्तैदी से शांतिपूर्ण मतदान कराने में लगा रहा। बावजूद इसके कई जगहों से छुटपुट हिंसा की खबरें आईं।

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में 11 अप्रैल की सुबह सुरक्षाबलों ने चार नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। ये किसी अप्रिय घटना को अंजाम देने की फिराक़ में थे। इन चारों की गिरफ़्तारी बेदरे क्षेत्र में सुबह मतदान से थोड़ी देर पहले ही हुई है। गिरफ्तार नक्सलियों के पास से तीन देशी असलहे बरामद हुये हैं।

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में 9 अप्रैल को नक्सलियों ने एक बड़े हमले को अंजाम दिया। 2019-लोकसभा चुनाव से ठीक दो दिन पहले नक्सलियों ने IED ब्लास्ट कर भाजपा विधायक भीमा मंडावी समेत पांच लोगों को मौत के घाट उतार दिया।

मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सपूत का परिवार दर-दर की ठोकरें खा रहा है। अपना अधिकार पाने के लिए यह परिवार व्यवस्था से लड़ रहा है। जिस शख़्स ने इस देश के लिए अपनी जान गंवा दी, आज उसी शहीद के मां-बाप सरकारी सिस्टम की लापरवाही का शिकार हैं।

नक्सली क्षेत्रों में रहने वाले लोग नक्सलियों से बिना खौफ खाए मताधिकार का प्रयोग करने लगभग 30 किलोमीटर पैदल चलकर भी जाते हैं। इनका ये जज़्बा नक्सलवाद और इसके समर्थकों के मुंह पर जोरदार तमाचा है। छत्तीसगढ़ के कांकेर लोकसभा क्षेत्र में आज भी कई गांव ऐसे हैं, जहां के मतदाता 90 किलोमीटर तक का सफर तय कर वोट डालने जाते हैं।

दुश्मनों की गोली लगने से गम्भीर रूप से घायल होने के बावजूद भी कन्नौज का वीर सपूत पंकज दूबे सात दिनों तक ज़िंदगी से जंग लड़ता रहा और अंत में वीरगति को प्राप्त हुआ। पंकज की शहादत देशभक्ति की सच्ची मिसाल है। मातृभूमि को शहीद पंकज दूबे पर हमेशा नाज़ रहेगा।

नम्रता दक्षिणी बस्तर के गीदम कस्बे की रहने वाली हैं। इस छोटे से कस्बे में जन्मी और पली-बढ़ी नम्रता जैन ने इस बार यूपीएससी की परीक्षा में 12वीं रैंक लाकर बस्तर का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया है। नम्रता पहले 2016 में यूपीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण कर 99वां रैंक लाई थीं। नम्रता को आईपीएस का कैडर मिला था।

अक्षय पालमपुर के पास कंडबाड़ी क्षेत्र के स्पैडू के रहने वाले थे। वह सिर्फ 23 साल के थे। पिछले चार सालों से अक्षय सेना में थे। अक्षय ने शुरू से ही भारतीय सेना में जाने का मन बना लिया था। सेना में जाना उनका बचपन का ख़्वाब था।

अंतरिक्ष में भारत अपनी कामयाबी का इतिहास लगातार लिख रहा है। अमेरिका, रूस और चीन के बाद भारत दुनिया का चौथा अंतरिक्ष महाशक्ति बन चुका है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा लगातार किए गए सफल परीक्षणों के चलते भारत एक स्पेस पावर बन चुका है।

बनिहाल कार ब्लास्ट के शुरूआती जांच के बाद कार के ड्राइवर का पता चल गया है। कार ड्राइवर के संदिग्ध आतंकी होने की आशंका लगाई जा रही है। कार चलाने वाले संदिग्ध आतंकी का नाम ओवैस अमीन है। जो जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले का रहने वाला है।

नक्सल संगठन द्वारा शोषण से तंग आकर दो महिला नक्सलियों समेत 10 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। आत्समर्पण करने वाले नक्सली अपने संगठन के नेताओं के शोषण एवं प्रताड़ना से तंग आ चुके थे। इसलिए आत्मसमर्पण करने का फैसला लिया। ये सभी नक्सली सुकमा जिले के कोंटा थाना में बालेंगतोंग गांव के रहने वाले थे।

पाकिस्तान आतंकवाद के प्रश्न पर लगातार झूठ बोलकर अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। वैसे तो आतंकवाद के मुद्दे पर उसकी बेशर्मी जगजाहिर है। पाकिस्तान के प्रतिष्ठित अखबार डॉन के ख़बरों के अनुसार, पाक ने पुलवामा आतंकी हमले (Pulwama Terror Attack) को लेकर भारत द्वारा दिए गए सबूतों को खारिज कर दिया है।