तेहरान के प्रॉसिक्यूटर अली अलकासिमेहर ने बताया है कि इस मामले में इंटरपोल से मदद मांगी गई है। हालांकि इंटरपोल ने कोई जवाब नहीं दिया है। उन्होंने बताया है कि हमने इंटरपोल से अमेरिकी राष्ट्रपति समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ रेड नोटिस जारी करने की भी अपील की है।

भारत समेत घाना, ब्रिटेन और नाइजीरिया की सेना ने भी हिस्सा लिया था। हालांकि भारतीय सेना की इस ऑपरेशन में ज्यादा टुकड़िया थीं। इस ऑपरेशन में गोरखा रेजीमेंट ने अहम भूमिका निभाई थी।

हर साल फरवरी महीने में ठंड के चलते कारगिल क्षेत्र में दोनों देशों की सेनाएं आपसी सहमति पीछे हट जाती हैं लेकिन तत्कालीन पाक सेना के जनरल परवेज मुशर्रफ ने सैनिकों को कारगिल के सामरिक रूप से महत्वपूर्ण इलाकों में भेजकर कब्जा करवा दिया था।

भारत सरकार ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि गिलगित-बाल्टिस्तान पर पाकिस्तान का अवैध कब्जा है और उसे जल्द से जल्द इसे खाली कर देना चाहिए। बता दें कि राष्ट्रपति अल्वी ने पिछले महीने एक कार्यवाहक सरकार बनाने और पाकिस्तान के चुनाव अधिनियम 2017 के गिलगित-बाल्टिस्तान में विस्तार के लिए एक आदेश जारी किया था।

सीआरपीएफ जवान का नाम योगेंद्र यादव है और यह वीडियो बिहार के गया का बताया जा रहा है। योगेंद्र टनकुप्पा के रहने वाले हैं। उनका कहना है कि प्रशासन की तरफ से कोई मदद नहीं मिल रही। न ही बात सुनी जा रही है।

पुलिस के मुताबिक झीरम घाटी में कांग्रेस नेताओं की हत्या के बाद इस तरह का पहली बार जमावड़ा हो रहा है। साल 2013 में कांग्रेस नेताओं पर नक्सली हमला हुआ था।

1999 में जब करगिल युद्ध (भारत-पाकिस्तान) छिड़ गया था और थापर इस जंग में देश के लिए कुर्बानी देने वाले सबसे कमउम्र जांबाज थे। 26 दिसंबर 1976 को जन्मे विजयंत सैनिकों के परिवार से आते थे।

ये ब्रिज सड़क कटिंग के दौरान एक मशीन को ले जाने के दौरान टूट गया था जिसमें दो लोग घायल भी हुए थे। मशीन इतनी भारी भरकम थी की ब्रिज पर ओवरलोडिंग हो गई और वह इतना ज्यादा वजन नहीं झेल सका।

चीन के लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टर्स की गतिविधियां बॉर्डर पर बढ़ती जा रही हैं। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक भारत की तरफ से सीमा पर सेना की मौजूदगी और ताकत को बढ़ा दिया गया है।

कारगिल युद्ध (Kargil War) को हर साल 26 जुलाई के दिन विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भारतीय सेना ने पाकिस्तानी को कारगिल में हराकर अपना पराक्रम दिखाया था। पूरा देश एकबार फिर कारगिल दिवस के लिए तैयारी शुरू कर रहा है।

युद्ध में दोनों देशों के सैनिक शहीद होते हैं लेकिन हारने वाले के ज्यादा सैनिक और जीतने वाले के कम। ऐसा ही अमूमन देखने को मिलता रहा है। कारगिल के शहीदों का जिक्र हो तो उत्तर प्रदेश के सरसावा के चार जांबाजों के प्राणों की आहुति को कभी नहीं भुलाया जा सकता।

सेना के पास जितने ज्यादा मजबूत और मॉर्डन हथियार होंगे दुश्मन उतना ही कमजोर नजर आएगा। कारगिल में भी भारतीय सेनाओं के हथियारों ने अपनी ऐसी छाप छोड़ी जिसको याद कर आज भी पाकिस्तान थर-थर कांप उठता है।

यूसुफ मेमन के अंडरवर्ल्ड से लिंक थे। मुंबई ब्लास्ट में टाइगर मेनन ने आतंकी गतिविधियों के लिए उसका इस्तेमाल किया था। इसी के लिए वह दोषी करार दिया गया था।

कारगिल युद्ध, को ऑपरेशन विजय के नाम से भी जाना जाता है। ये युद्ध भारत और पाकिस्तान के बीच मई और जुलाई 1999 के बीच लड़ा गया। भारत-पाक सीमा से सटे कारगिल क्षेत्रों में सर्दियों कड़ाके की ठंड पड़ती है।

कारगिल युद्ध में सेना को लीड करने वाले कई अधिकारियों ने कई मौकों पर कहा है कि भारतीय वायुसेना के हवाई हमले से दुश्मन का मनोबल टूटा था। वायुसेना ने 32 हजार फीट की ऊंचाई से जम्मू कश्मीर के द्रास-कारगिल इलाके में टाइगर हिल पर एयर पावर का इस्तेमाल किया था।

कारगिल युद्ध के दौरान सौरभ कालिया 22 दिनों तक पाकिस्तान सेना की कैद में रहे और 9 जून 1999 को पाकिस्तानी सेना द्वारा उनके शव सौंपा गया। उन्हें सिगरेट से जलाया गया था और उनके कानों में लोहे की सुलगती छड़ें घुसेड़ी गई थीं।

World Cup 1983: पूर्व भारतीय कैप्टन कपिल देव के नेतृत्व में भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ जीत हासिल की थी। इस जीत के बाद पूरे भारत में जश्न का माहौल था। हर तरफ भारतीय टीम के प्रदर्शन की बात हो रही थी।