9 हार्डकोर नक्सलियों ने डाले हथियार, रंग ला रहीं सरकार की नीतियां

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नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षाबलों द्वारा लगातार चलाए जा रहे अभियानों और सरकार की पुनर्वास नीतियों का असर देखने को मिल रहा है। या तो नक्सली गिरफ्तार किए जा रहे या अपनी इच्छा से वे आत्मसमर्पण कर मुख्य धारा में लौट रहे हैं। छत्तीसगढ़ के बस्तर में नौ नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। जिनमें तीन इनामी भी शामिल नक्सली हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बीजापुर जिले में तीन इनामी नक्सलियों समेत सात नक्सलियों ने और सुकमा जिले में दो नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है।

आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में से तीन लक्ष्मण वंजामी, नीलकंठ रंजीत और गुडसा वाचम पर प्रशासन की ओर से एक-एक लाख रूपए का इनाम घोषित था। वहीं, नक्सल संगठन डीएकेएमएस उपाध्यक्ष राजू वाचम ने भी अपनी बंदूक के साथ आत्मसमर्पण कर दिया सुकमा जिले में भी दो नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। ये दोनों नक्सली संगठन के सदस्य हैं। इनका नाम पोड़ियाम पाण्डू और हेमला मुया है। अधिकारियों के मुताबिक, दोनों आत्मसमर्पित नक्सली थाना चिंतागुफा के कसालपाड़ जंगल में पुलिस दल पर हमला कर 14 जवानों की हत्या करने और मिनमा क्षेत्र में पुलिस दल पर गोलीबारी की घटना में शामिल थे।

इससे पहले, 18 मई को इलाज के लिए जिला हॉस्पिटल पहुंची पांच लाख की इनामी एक महिला नक्सली ने आत्मसमर्पण कर दिया था। वह सुकमा जिले के नक्सल संगठन केरलापाल एरिया कमेटी की सदस्य और सीएनएम अध्यक्ष के रूप में काम कर रही थी। आत्मसमर्पण करने के बाद इस महिला नक्सली ने डीआरजी की दंतेश्वरी लड़ाके दल में शामिल होने की इच्छा भी जाहिर की। बासागुड़ा के चुकवाय गांव की रहने वाली इस महिला नक्सली का नाम नंदे मंडावी उर्फ लाली है। यह बीजापुर और नारायणपुर जिले के कई संगीन वारदातों की आरोपी है।

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