झारखंड: नक्सल प्रभावित इलाकों में लगेंगे 4G टावर, निविदा में निजी कंपनियां ले सकेंगी हिस्सा

झारखंड के नक्सल प्रभावित वैसे राज्य जहां संचार सेवाओं का पहुंचना दुभर था अब वहां फोन कनेक्टिविटी बढ़ाने की कवायद शुरू कर दी गई है। दरअसल नक्सली हमेशा से ही विकास के विरोधी रहे हैं। नक्सलियों ने कई बार मोबाइल टावरों को बम बलास्ट कर और मोबाइल कंपनियों के लिए काम करने वाले कर्मचारियों को धमका कर इस बात का सबूत भी दिया है।

BSNL, Jharkhand, Naxal
BSNL ने अब तक 742 मोबाइल टावर लगाए हैं।

लेकिन अब झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ सरकार ने नकेल कस दी है और उनके लिए विकास कामों में बाधा पहुंचाना इतना आसान भी नहीं रहा। मोबाइल टावर के जरिए फोन सुविधाएं बढ़ाने के प्रयास के तहत अब तक बीएसएनएल ने 742 मोबाइल टावर लगाए हैं। हालांकि यह अभी सिर्फ पहला चरण है। दूसरे चरण के तहत 1054 और मोबाइल टावर लगाए जाने की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं और इसके लिए निविदा भी जल्द निकाल दी जाएगी।

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खास बात यह भी है कि इस निविदा में बीएसएनएल के अलावा निजी टेलीकॉम कंपनियां भी हिस्सा ले सकती हैं जिन्हें केंद्र द्वारा सब्सिडी भी दी जाएगी। जाहिर है अब जिन नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अभी किसी भी कंपनी का टावर नहीं है। वहां मोबाइल टावर लगाए जाएंगे। दूसरा जिन क्षेत्रों में टू जी मोबाइल टावर लगे हैं। वहां 4 जी टावर लग जाएंगे। जिससे यहां रहने वाले लोग आसानी से वाइस कॉलिंग के साथ-साथ वीडियो कॉलिंग व इंटरनेट सर्फिग कर सकेंगे।

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झारखंड के कुछ जिले मसलन – धनबाद, गिरिडीह, पूर्वी सिंहभूम, बोकारो, पलामू, गढ़वा, देवघर, पश्चिमी सिंहभूम, हजारीबाग, रामगढ़, गुमला, चतरा, सरायकेला खरसावा, साहिबगंज, गोड्डा, दुमका, पाकुड़, जामताड़ा, लातेहार, कोडरमा, सिमडेगा, खुंटी व लोहरदगा नक्सल प्रभावित जिलों में आते हैं। सरकार की कोशिश है कि इन सभी जिलों के नक्सली इलाकों में मोबाइल टावर बैठाया जा सके ताकि लोग संचार का फायदा उठा सकें।

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