इमरान खान की पार्टी के विधायक ने भारत से की राजनीतिक शरण की मांग, बताया जान को खतरा

पाकिस्तान के पूर्व विधायक बलदेव कुमार ने भारत में राजनीतिक शरण की मांग की है।

पाकिस्तान के राज्य खैबर पख्तूनख्वा के पूर्व विधायक बलदेव कुमार ने भारत में राजनीतिक शरण की मांग की है। इसके बाद से ही वे सुर्खियों में आ गए हैं। 10 सितंबर को भाजपा के स्थानीय नेता बलदेव कुमार से मिलने पहुंचे। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए बलदेव ने नवजोत सिंह सिद्धू को भी सलाह दे डाली। उन्होंने कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू इमरान खान को नहीं जानते। बलदेव इमरान को अच्छी तरह जानते हैं, क्योंकि वह इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के विधायक रहे हैं। बलदेव ने कहा कि इमरान खान पाकिस्तान को टेरेरिस्ट स्टेट बनाना चाहते हैं। अगर यह नया पाकिस्तान है तो यह पाकिस्तान इमरान को ही मुबारक।

बदलेव ने भारतीय सिखों को भी संदेश दिया। किसी धर्म विशेष का नाम लिए बगैर कहा कि भारत के सिखों को यह समझना चाहिए कि जो लोग हमारे गुरुओं के नहीं हुए, वे हमारे क्या होंगे। बलदेव कुमार ने कहा कि गुरुद्वारों में पाठ और अरदास के दौरान बिजली सप्लाई बंद करने वाली पाकिस्तानी कौम अल्पसंख्यकों को निम्न दर्जे के नागरिक के तौर पर देखती है। भाजपा जिला उपप्रधान डॉ. सोमेश बत्ता, पार्षद सुधीर सोनू, भाजयुमो प्रदेश कैशियर रमरीश विज और जिला प्रेस सचिव मनोज घई खबर के बाद बलदेव कुमार से मिलने पहुंचे।

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उन्होंने बलदेव की आवाज केंद्र सरकार तक पहुंचाने की बात की। साथ ही कहा कहा कि थैलेसिमिया से पीड़ित बलदेव की बेटी रिया के इलाज में भी वे हरसंभव मदद देंगे। बलदेव कुमार पिछले महीने खन्ना पहुंचे। इसके कुछ महीने पहले ही उन्होंने अपने परिवार को यहां भेज दिया था। बलदेव अब वापस नहीं लौटना चाहते और भारत में शरण के लिए जल्द ही अप्लाई करेंगे। सहजधारी सिख बलदेव का कहना है कि अल्पसंख्यकों पर पाकिस्तान में अत्याचार हो रहे हैं। हिंदू और सिख नेताओं की हत्याएं की जा रही हैं। साल 2016 में उनके विधानसभा क्षेत्र के सिटिंग विधायक की हत्या हो गई। उसकी हत्या के झूठे आरोप में उन्हें दो साल जेल में रखा गया।

वह इस मामले में 2018 में बरी हुए। बलदेव सिंह पर 2016 में अपनी ही पार्टी के विधायक सूरण सिंह की हत्या का आरोप लगा। उन्हें जेल में डाल दिया गया। पाकिस्तान कानून के मुताबिक अगर विधायक की मौत हो जाए तो इसी पार्टी के दूसरे नंबर पर रहने वाले उम्मीदवार को विधायक बना दिया जाता है। हत्या के बाद उन्हें जेल में डाल देने के कारण वह विधायक पद की शपथ नहीं ले सके। विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने के दो दिन पहले उन्हें इस मामले में बरी कर दिया गया।

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वह विधानसभा में शपथ लेकर 36 घंटे के लिए विधायक रहे। बलदेव की शादी 2007 में खन्ना की रहने वाली भावना से हुई थी। शादी के समय वह पार्षद थे और बाद में विधायक बने। इन दिनों वह खन्ना के समराला मार्ग पर स्थित मॉडल टाउन में दो कमरों के किराए के मकान में अपने परिवार के साथ दिन गुजार रहे हैं। उनका ससुराल परिवार भी मॉडल टाउन में ही रहता है। बलदेव की पत्नी भावना अभी भी भारतीय नागरिक है। दो बच्चे 11 साल की रिया और 10 साल का सैम पाकिस्तानी नागरिक हैं। बेटी रिया थैलेसीमिया से पीड़त है और उसका इलाज चल रहा है। बलदेव का कहना है कि पाकिस्तान में सेहत सुविधाएं नहीं के बराबर हैं और अगर हैं भी तो इलाज बहुत महंगा है। रिया का हर 15 दिन में खून बदला जाता है।

गौरतलब है कि खैबर पख्तूनख्वा के पूर्व विधायक बलदेव कुमार ने कहा था, “सिर्फ अल्पसंख्यक ही नहीं, मुसलमान भी वहां सुरक्षित नहीं है। मैं भारत सरकार से गुजारिश करता हूं कि वो मुझे यहां आश्रय दे। मैं वापस नहीं जाऊंगा।” भारत से शरण मांग रहे बलदेव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुजारिश की है कि वो पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू और सिख परिवारों की स्थिति पर ध्यान दें। बलदेव कुमार ने कहा, “भारत सरकार को पाकिस्तान में रह रहे हिंदू और सिख परिवारों के लिए एक पैकेज की घोषणा करनी चाहिए। मैं चाहता हूं मोदी जी उनके लिए कुछ करें, वो वहां प्रताड़ित हो रहे हैं।” बलदेव ने भारत प्रशासित कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के मुद्दे को तूल देने के लिए भी पाकिस्तान की आलोचना भी की।

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