पाकिस्तान की बेशर्मी, बार-बार कर रहा सबूतों की अनदेखी

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आतंकवाद को लेकर बेशक दुनिया भर में पाकिस्तान की किरकिरी हो रही हो, लेकिन वह अपनी हरकतों से बाज आने को तैयार नहीं है। हर बार वो आतंकी गतिविधियों में अपने नागरिकों के शामिल होने की बात को नकारता रहा है। इस बार भी उसने पुलवामा आतंकी हमले (Pulwama Terror Attack) के बाद भारत द्वारा दिए गए सबूतों को खारिज कर दिया है।

पाकिस्तान के प्रतिष्ठित अखबार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, पाक ने पुलवामा आतंकी हमले को लेकर भारत द्वारा दिए गए सबूतों को मानने से इंकार कर दिया है। पाकिस्तान शुरुआत से ही झूठ बोलता आया है। चाहे मामला मुंबई आतंकी हमले का हो या फिर पाक में छिपे बैठे दाऊद इब्राहिम, हाफिज सईद और मसूद अजहर का।

पठानकोट एयरबेस पर 02 जनवरी, 2016 को हुए आतंकी हमले के वक्त भी पाकिस्तान इसमें अपना हाथ होने से मुकर गया था। हमले के बाद एनआइए ने पाकिस्तानी जांच एजेंसी जेआइटी को हमले से जुड़े पुख्ता सबूत दिए थे। पर जेआइटी ने उसे भी नकार दिया था। जबकि इसमें चार आतंकियों की डीएनए रिपोर्ट, उनकी पहचान, जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों के शामिल होने के सबूत और फोन कॉल रिकॉर्ड आदि शामिल थे। इस आतंकी हमले का मास्टर माइंड भी मसूद अजहर ही था, पर पाकिस्तान ने इसे भी नकार दिया।

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मुम्बई हमले का गुनाहगार अजमल कसाब जब पकड़ा गया था तब भी पाकिस्तान ने उसे अपना नागरिक तक मानने से इनकार कर दिया था। पर जब पाक मीडिया समेत अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने अजमल के परिवार का इंटरव्यू दिखाया, तो पाकिस्तान ने भारी दबाव में कसाब को अपना नागरिक माना।

कुख्यात आतंकी ओसामा बिन लादेन भी पाकिस्तान में छिपा बैठा था। पाकिस्तान के ऐबटाबाद स्थित सैन्य मुख्यालय के करीब अपने पूरे परिवार के साथ और कड़ी सुरक्षा में रह रहा था। पाकिस्तान ने उसकी मौजूदगी दुनिया से छिपाए रखी। पूरी दुनिया को उस आतंकी की तलाश थी पर पाक अपने यहां उसकी मेहमान-नवाजी कर रहा था। फिर जब 02 मई, 2011 को अमेरिकी कमांडो ने एक बेहद सीक्रेट मिशन में पाकिस्तान के ऐबटाबाद स्थित घर में घुसकर ओसामा बिन लादेन को मार गिराया। तब पाकिस्तान एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर बेनकाब हुआ था।

गौरतलब है कि पुलवामा हमले के बाद भी भारत ने 27 फरवरी को पाकिस्तान को जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ डोजियर दिया था। लेकिन पाकिस्तान ने कहा कि पुलवामा हमले में पाक के शामिल होने का सबूत नहीं मिला है।

पाकिस्तान को सौंपे गए डोजियर में भारत ने पाक सीमा में 22 स्थानों पर आतंकी शिविर होने के सबूत दिए थे। उन सबूतों को भी पाक ने खारिज कर दिया। इसके अलावा भी भारत, यहां हुए कई आतंकी हमलों और कश्मीर में आतंकवाद के पनपने को लेकर पाकिस्तानी आतंकी संगठन के शामिल होने का सबूत वक़्त-वक़्त पर देता रहा है। लेकिन पाकिस्तान ने हर बार इन सबूतों को नकार दिया।

बेशर्मी की हद ये है कि पाकिस्तान स्वतंत्र एजेंसी या तीसरे पक्ष से इन सबूतों की जांच कराने को भी तैयार नहीं है। इससे स्पष्ट होता है कि पाकिस्तान आतंकवाद को ख़त्म करने के बजाय इसको बढ़ावा देने में लगा हुआ है।

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