झारखंड: आए थे दहशत फैला वसूली करने, गए पुलिस की गाड़ी में गिरफ्तार होकर

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झारखंड के लोहरदगा जिले के सेन्हा थाना क्षेत्र के हेसवे तेतरटोली गांव के पास पुलिस और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। दोनों ओर से हुई गोलीबारी में पुलिस को भारी पड़ता देख नक्सली घने जंगल का फायदा उठाकर कर भागने में सफल रहे। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद नक्सली संगठन जेजेएमपी के तीन माओवादियों को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही पुलिस से नक्सलियों के पास से लूटी हुई एक एसएलआर और एक एलएमजी और 80 हजार रुपये बरामद किये। मुठभेड़ स्थल से दो कारें भी बरामद की गयीं। पुलिस और नक्सलियों के बीच हुए मुठभेड़ के बाद पुलिस के द्वारा नक्सलियों की धर-पकड़ के लिए सर्च अभियान चलाया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, 2.35 करोड़ रुपये की लागत से सड़क बनायी जा रही है। यहां जेजेएमपी नक्सली संगठन लेवी वसूलने के लिए और निर्माण कार्य को बाधित करने की फिराक में थे। इस बात की गुप्त सूचना लोहरदगा एसपी को मिली थी। इसके बाद एसपी प्रियदर्शी आलोक के निर्देश पर एएसपी अभियान के नेतृत्व में जिला पुलिस बल के जवानों ने छापेमारी अभियान चलाया। 12 जून की शाम पुलिस के जवानों ने तेतर टोली के समीप घेराबंदी कर रखी थी। इसी बीच नक्सलियों का दस्ता मौके पर पहुंच गया। पुलिस को देखकर नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी।

जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भी फायरिंग की। जिसके बाद हथियार छोड़ भाग रहे नक्सलियों में से तीन को पुलिस ने खदेड़ कर पकड़ लिया। पकड़े गए नक्सलियों पहचान गुमला जिले के मदरसा रोड सिसई के रहने वाले मुजेबुल अंसारी, हेसबे के रहने वाले तेवारी उरांव और सिसई के रहने वाले जाहिद खान के रूप में हुई है। बाकी नक्सली भागने में सफल रहे। नक्सलियों की खोज-बीन जारी है। इससे पहले 10 जून को झारखंड पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी थी। लोहरदगा के कुडू बस स्‍टैंड से टीपीसी नक्‍सली धीरेंद्र गंझू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। एसपी प्रियदर्शी आलोक को गुप्त सूचना मिली थी कि टीपीसी का हार्डकोर नक्सली कुडू बस स्टैंड के पास घूम रहा है।

इस सूचना पर एसपी प्रियदर्शी आलोक ने कुडू थाना को निर्देश दिया। एसपी के निर्देश पर 10 जून को कुडू थाना प्रभारी ने शस्त्र बल के साथ कुडू बस स्टैंड पर छापेमारी की। जहां पर धीरेंद्र गंझू को गिरफ्तार किया गया। धीरेंद्र गंझू लातेहार जिले के हेरहंज थाना क्षेत्र के नवाटांड गांव का रहने वाला है। एसपी प्रियदर्शी आलोक के अनुसार, धीरेंद्र गंझू को हत्या के मामले में साल 2008 में गिरफ्तार कर कुडू थाना पुलिस द्वारा जेल भेजा गया था। वह साल 2011 में जेल से बाहर आ गया था। जेल से छूटने के बाद वह टीपीसी के गोपाल गंझू के दस्ते के लिए काम कर रह रहा था। धीरेंद्र गंझू के खिलाफ लोहरदगा और लातेहार के थानों में कई मामले दर्ज हैं।

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