माओवादी दुनिया के चौथे सबसे खतरनाक आतंकी संगठन, तालिबान से बस एक पायदान नीचे

naxal fourth largest terrorist organization in the world

भारत आतंक प्रभावित देशों की सूची में इराक और अफगानिस्तान के बाद तीसरे नंबर पर है। जबकि तालिबान, इस्लामिक स्टेट और अल-शबाब के बाद नक्सली हिंसा दुनिया में चौथे स्थान पर है। 2015 में पाकिस्तान आतंक से तीसरा सबसे प्रभावित देश था। अमेरिकी विदेश मंत्रालय की तरफ से 2018 में जारी आंकड़े में ये बातें सामने आईं। आंकड़ों से पता चलता है  कि जम्मू-कश्मीर में 2017 में आतंकी हमलों की संख्या में 24 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और इन हमलों में मारे जाने वाले लोगों की संख्या में 89 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

इसमें बताया गया है कि भारत में 2017 में हुए 860 आतंकी हमलों में कुल 25 प्रतिशत अकेले जम्मू-कश्मीर में हुए हैं। भारत में जम्मू-कश्मीर जैसे राज्य में होने वाले हमलों की तुलना में सीपीआई (CPI) द्वारा की गई नक्सली हिंसा ने अधिक सुरक्षाकर्मियों की जानें ली है। भारत के आंतरिक सुरक्षा के लिए चुनौती बने माओवादी दुनिया के चौथे सबसे खतरनाक आतंकी संगठन हैं।

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2015 की एक रिपोर्ट के मुताबिक तालिबान, आईएस और बोकोहरम के बाद इसका नंबर था। इसके बाद पांचवें नंबर पर कुर्दिस्तान वकर्स पार्टी का नाम था। आंकड़ों के मुताबिक साल 2015 में दुनियाभर में करीब 11,774 आतंकी हमले हुए। इन हमलों में 28,328 लोगों की मौत हुई और लगभग 35,320 लोग घायल हुए। भारत की बात की जाए तो यहां लगभग 791 हमलों में से 43 प्रतिशत हमले नक्सलियों ने किए।

इसके अलावा करीब 289 लोगों की जान आतंकी हमलों के दौरान गई। 2015 में अमेरिका के नेशनल कंसोरटियम फॉर द स्टडी ऑफ टेररिज्म एंड रेंस्पांस टू टेररिज्म ने यूएस स्टेट डिपार्टमेंट के साथ मिलकर कुछ आंकड़े पेश किए थे। इसके अनुसार, विश्व में तालिबान, इस्लामिक स्टेट और बोकोहराम सबसे बड़े आतंकी संगठन थे। इसके बाद भारत का माओवादी सीपीआई (CPI) संगठन चौथे नंबर पर आता था। इसने 2015 में करीब 343 हमलों को अंजाम दिया था जिसमें करीब 176 लोगों की मौत हुई थी।

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वहीं तालिबान द्वारा 1,093 हमलों को अंजाम दिया गया। इसमें करीब 4512 लोगों की मौत हुई और वहीं इस्लामिक स्टेट द्वारा 931 आतंकी हमलों को अंजाम दिया गया जिसमें 6050 लोगों की मौत हुई थी। बोकोहराम के 491 हमलों में 5450 लोगों की मौत हुई थी। दुनिया के खतरनाक आतंकी संगठनों की सूची में पांचवें नंबर पर ‘कुर्दिस्तान वकर्स पार्टी’ थी, जिसने 238 हमलों को अंजाम दिया। इन हमलों में 287 लोगों की मौत हुई थी।

इन आंकड़ों में यदि भारत पर नजर डाली जाए तो देश के चार राज्यों में सबसे अधिक हमले हुए। इसमें छत्तीसगढ़ में 21 फीसदी, मणिपुर में 12 फीसदी, जम्मू कश्मीर में 11 फीसदी और झारखंड में 10 फीसदी हमले हुए। इस रिपोर्ट में कहा गया कि देशभर में करीब 45 संगठन ऐसे हैं जो इस तरह के हमलों को अंजाम देते हैं। इसमें नक्सलियों द्वारा किए गए हमले से सबसे अधिक करीब 43 फीसद रही।

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इन संगठनों के द्वारा अगवा किए जाने के मामले वर्ष 2014 में 305 थे। रिपोर्ट के अनुसार, 2015 में 862 लोगों का अपहरण हुआ था। जिनमें 707 लोगों को माओवादियों ने अगवा किया था। गृहमंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2010 से लेकर 2015 तक करीब 2162 सामान्य नागरिकों और 802 सुरक्षाबलों के जवानों की मौत नक्सली हमलों में हुई। इनमें ज्यादातर आदिवासी या फिर पुलिस को सूचना देने वाले लोग थे।

सीपीआई (CPI) माओवादी को विश्व का चौथा सबसे खतरनाक संगठन करार देते हुए 2018 की अमेरिकी स्टडी में कहा गया कि भारत में हुए 53 प्रतिशत हमलों में इसका हाथ रहा है। अध्ययन के मुताबिक, अगर संख्या की बात की जाए तो भारत में 2016 और 2017 के बीच माओवादी हमलों में कमी आई है।

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