पहला संसद सत्र आज! बड़ा ऐतिहासिक है यह दिन

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13 मई भारतीय संसद के लिए ऐतिहासिक दिन है। आज के ही दिन भारतीय लोकसभा का पहला संसद सत्र बुलाया गया था। 1951-52 में करीब 4 महीने चली चुनावी प्रक्रिया के बाद 17 अप्रैल को पहली लोकसभा का गठन किया गया था। लोकसभा के गठन के बाद 13 मई, 1952 को संसद का पहला सत्र आयोजित किया गया। जिसके बाद पंडित जवाहर लाल नेहरू के नेतृत्व में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 5 साल का अपना कार्यकाल पूरा किया। यह लोक सभा 4 अप्रैल, 1957 को भंग हुई। देश के पहले लोकसभा स्पीकर गणेश वासुदेव मावलंकर रहे। इस पद पर वे 1956 तक रहे। एम ए आयंगर पहले डिप्टी स्पीकर थे।

मावलंकर के निधन के बाद अयंगर स्पीकर बने। पहली लोकसभा में कुल 677 बैठकें हुई थीं, जो देश के संसदीय इतिहास में सबसे ज्यादा बैठकों वाला सत्र है। इससे पहले आजाद भारत 1950 में गणतंत्र बन चुका था। लेकिन इसके लोकतंत्र बनने का इंतजार तब पूरा हुआ, जब 25 अक्टूबर, 1951 से 21 फरवरी, 1952 के बीच देश का पहला आम चुनाव सम्पन्न हुआ। उस वक्त हिंदुस्तान की करीब 36 करोड़ की आबादी में लगभग 17 करोड़ लोग बालिग थे। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अलावा, श्यामा प्रसाद मुखर्जी की भारतीय जनसंघ, संविधान निर्माता भीमराव आंबेडकर की रिपब्लिकन पार्टी, राममनोहर लोहिया और जयप्रकाश नारायण की समाजवादी पार्टी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी भी चुनाव का हिस्सा थी।

बाबा साहेब अपना पहला आम चुनाव हार गए थे। संसद में उनकी एंट्री राज्यसभा से हुई। एक से बढ़ कर एक कद्दावर नेताओं से भरी थी संसद। सभी सांसद भारतवासियों के लिए रोल मॉडल थे। पहले आम चुनाव में संसद की 489 में से कांग्रेस 364 सीटें जीतने में कामयाब रही थी। 3 अप्रैल, 1952 को राज्यसभा गठित की गई। 17 अप्रैल, 1952 को लोकसभा का गठन हुआ। तब आया वो दिन जब देश भर से चुने हुए जनप्रतिनिधियों की पहली आम बैठक होनी थी, यानी 13 मई, 1952। पहले सत्र में 82 बिल पास हुए थे।

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